“ज़िंदगी बदल देने वाली गुब्बारे वाले की कहानी – असली उड़ान रंग से नहीं, भीतर की ताक़त से होती है”

एक मेले में एक आदमी गुब्बारे बेच रहा था। उसके पास अलग–अलग रंग के गुब्बारे थे – लाल, पीले, नीले, हरे। बच्चों की भीड़ को आकर्षित करने के लिए वह बीच–बीच में एक–एक गुब्बारा हवा में छोड़ देता। गुब्बारा ऊपर उड़कर सब बच्चों का ध्यान खींच लेता और बच्चे दौड़कर उससे गुब्बारे खरीदने लगते।

वहीं पास खड़ा एक छोटा बच्चा सोच में पड़ गया। उसने गुब्बारे वाले से पूछा –
“अगर आप काला गुब्बारा छोड़ेंगे तो क्या वो भी ऊपर जाएगा?”

गुब्बारे वाला मुस्कुराया और बोला –
“बेटा, गुब्बारे का रंग मायने नहीं रखता। उसके अंदर भरी हुई गैस उसे ऊपर ले जाती है।”

👉 असली संदेश:
इंसान की ऊँचाई उसके बाहरी रंग, रूप या स्थिति पर नहीं, बल्कि उसके भीतर के आत्मविश्वास, सोच और गुणों पर निर्भर करती है।

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